वैद्य-प्रसारकम्/Vaidya-Prasarakam

वैद्य-प्रसारकम्/Vaidya-Prasarakam

Acharya Balakrishna · Divya Prakashan

Hindi · Hardcover · Edition: First

₹450 ₹500 10% off

वैद्य-प्रसारकम्बं:-गप्रदेशवासी वैद्याचार्य गदाधर ( ९ वीं शती ई . ) द्वारा रचित ' वैद्य - प्रसारकम् ' आयुर्वेद की अति महत्त्वपूर्ण एवं सारगर्भित रचना है । इसमें ग्रन्थकार ने अपने अगाध वैदुष्य एवं सुदीर्घ चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर चिकित्सा के अति प्रभावशाली योगों ( नुस्खों ) का दस अध्यायों में वर्णन किया है । इन अध्यायों में पाचन , चूर्ण , मोदक , तैल , घृत , लेह , नस्य , निरूह एवं अञ्जन का विवरण है । अन्तिम प्रकीर्णाध्याय में पञ्चकर्म , धूम , धूप , गण्डूष , तक्रारिष्ट , तैलप्रयोग , आर्द्रकप्रयोग , क्षारप्रयोग , अग्निप्रयोग , पुटपाक , रसायन , वाजीकरण , अगद एवं कल्प आदि अति उपयोगी विषयों का वर्णन किया है । इस प्रकार ' वैद्य - प्रसारकम् ' आयुर्वेद का बहुत दुर्लभ एवं उपादेय ग्रन्थ है । व्याख्याकुसुमावलीकार श्रीकण्ठ , चक्रदत्त -रत्नप्रभाकार निश्चलकर आदि वैद्याचार्यों ने ' वैद्य कम् ' को बहुत आदरपूर्वक प्रमाण रूप में उद्धृत किया है । इससे पुरातन ' वैद्य - समाज ' में इस की प्रतिष्ठा सूचित होती है । परवर्ती काल में विदेशी आक्रान्ताओं ने आयुर्वेदीय परम्परा एवं साहित्य पर बड़ा आघात किया , जिससे अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ नष्ट हो गए । ऐसे प्रतिकूल समय में ‘ वैद्य - प्रसारकम् ’ भी लुप्तप्राय हो गया था । इस ग्रन्थ के अतुलनीय महत्त्व को देखते हुए आयुर्वेद मनीषी आचार्य श्रीबालकृष्ण जी ने इसका अन्वेषण आरम्भ किया । सौभाग्य से कश्मीर - महाराजा द्वारा स्थापित रघुनाथ मन्दिर ग्रन्थालय जम्मू में इसकी एक प्राचीन हस्तलिखित प्रतिलिपि प्राप्त हुई तदनन्तर जर्मनी एवं फ्रांस में भी एक - एक प्रतिलिपि मिली । उन्हीं के आधार पर परिष्कृत रूप में सम्पादन कर आचार्यश्री ने इस ग्रन्थ को पहली बार प्रकाशित किया है ।

Buy Now

India's trusted online book store