Sahitya Aur Cinema

Sahitya Aur Cinema

Dr. Lalit Chandra Joshi · Raghav Publications

Hindi · Paperback · Edition: First

₹213 ₹250 15% off

'साहित्य' एवं 'सिनेमा' का गहरा संबंध है। 'साहित्य' को समाज का दर्पण कहा जाता है। यदि इस दृष्टि से सिनेमा को देखा जाए तो सिनेमा को समाज की अन्तर्शिराओं में बहने वाला रक्त कहा जा सकता है। समाज के बिना 'साहित्य' और 'साहित्य' के बिना 'सिनेमा' अधूरा है। 'साहित्य' और सिनेमा एक सशक्त माध्यम हैं। सिनेमा का भारतीय साहित्य से काफी नजदीक का संबंध है। यह. पुस्तक सिनेमा और साहित्य के अंतसंबंधों पर सूक्ष्म दृष्टि केंद्रित करती है।

ISBN-139789393655134
AuthorDr. Lalit Chandra Joshi
PublisherRaghav Publications
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst
Pages152
Year2022

Category: Comics, Novels & Magazines

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