Panchatantram ( Sanskrt Mool Evan Saral Hindi Anuvaad Sahit )
Sanjay Sachdeva · Parimal Publications
संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध भाषा है। इसका अतिविशाल साहित्य जगत् के सभी पदार्थ एवं विषयों को निरूपित करने में सक्षम है। वेद, वेदाङ्ग, पुराण, रामायण, महाभारत आदि विशालकाय ग्रन्थों की उपलब्धि के साथ-साथ इसमें लक्षणग्रन्थ, महाकाव्य, खण्डकाव्य, चम्पू, नाटक, रूपक, एकांकी आदि सभी विधाओं के उत्कृष्टतम ग्रन्थ मिलते हैं। इसी में कथासाहित्य के भी मनोरम ग्रन्थ उपलब्ध होते हैं। इस कथासाहित्य का उद्देश्य आबालवृद्ध को मनोरंजनपूर्वक सरल कथाओं के माध्यम से लोकव्यवहार एवं नीतिशास्त्र का बोध कराना है। इसमें सरलता एवं सरसता दोनों हैं क्योंकि इन कथाओं का प्रस्तुतिकरण मनुष्योतर पशु-पक्षियों के माध्यम से किया गया है। पञ्चतन्त्र आचार्य विष्णुशर्मा प्रणीत एक ऐसा ही अद्भुत कथा-ग्रन्थ है जिसकी कथाएँ अत्यन्त सरल रूप में लोकव्यवहार एवं नीतिशास्त्र का बोध कराती हैं। पञ्चतन्त्र-जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, इसमें राजनीति के पाँच तन्त्र अर्थात् सिद्धान्तों का कथाओं के माध्यम से पाँच अध्यायों में उल्लेख हुआ है। इसी कारण इसका नाम 'पञ्चतन्त्र' रखा गया है।
| Author | Sanjay Sachdeva |
|---|---|
| Publisher | Parimal Publications |
| Language | Hindi |
| Binding | Hardcover |
| Pages | 514 |
| Year | 2018 |
Related books
- Bhaisajya Ratnavali Of Kaviraj Shri Govind Das Sen
- Vagbhata'S Astanga Hrdayam- Text, English Translation, Notes, Appendix And Indices- 3 Vols
- Illustrated Susruta Samhita 3 Vol. Set
- Secrets Of Marma (The Losts Secret'S Of Ayurveda)
- Susruta Samhita Of Maharsi-Susruta 2 Vol. Set
- अष्टांगह्रदयम् (हिन्दी व्याख्या सहित) Astanga Hrdayam Of Srimadvagbhata
- Caraka Samhita 7 Vol. Set
- Caraka Samhita Vol. I
India's trusted online book store