Lekhan Kaushal
Dr. Lalit Chandra Joshi · Raghav Publications
लेखन कौशल, भाषा-विशेष में स्वीकृत लिपि-प्रतीकों के माध्यम से विचारों तथा भावों को अंकित करने की कुशलता है । लेखन - कौशल के माध्यम से ज्ञान का क्षेत्र और अधिक विस्तृत होता है । विद्यार्थी भाव-विचारों को लिपिबद्ध करने की योग्यताओं को हासिल करता है। उनमें भावात्मक, ज्ञानात्मक सामग्री का गहन अध्ययन तथा तत्वसंबंधी विचारों की स्थायी अभिव्यक्ति की कुशलता लेखन के माध्यम से ही संभव होती है। लेखन के माध्यम से ही विद्यार्थी अपने विचारों तथा भावों को साहित्यिक रचना के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। वह अपनी सर्जनात्मक प्रतिभा को विकसित कर सकते हैं। लेखन कौशल का शिक्षण भाषाई कौशलों में विशेष महत्ता रखता है। लेखन-कौशल सीखने से तात्पर्य लेखन-व्यवस्था के परंपरागत प्रतीकों को लिपिबद्ध करना है। जिन्हें लिखते समय लेखक ने मौन या उच्चारित रूप से प्रयुक्त किया हो। छात्रों में लेखन कौशल को विकसित करने के लिए लेखन कौशल का अभ्यास कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। इस पुस्तक में लेखन कौशल के विविध पहलुओं की चर्चा की गई है। जो हिंदी एवं मीडिया क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए लाभदायी होगी।
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