Susruta Samhita Part-1 (Sutrasthan)
Dr. Anupam Pathak · Ram Ayurved Sanskrit Book Prakashan Co.
सुश्रुतसंहिता की “ध्वनिव्याख्या" सुधीजनों के सामने प्रस्तुत है। संहिता की भाषा अत्यधिक सरल, सुग्राह्य और सुबोध रखने की कोशिश व्याख्याकार द्वारा की गई है। “निबन्ध संग्रह व्याख्या (डल्हण)” को मूल सुश्रुतसंहिता का आधार रखते हुए इस व्याख्या को किया गया है। भाषा शैली और विमर्श को वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार रखने का प्रयास किया गया है तथा स्थान-स्थान पर व्याख्याकार द्वारा व्याप्त प्रचलित भ्रान्तियों को भी इस व्याख्या में दूर करने की कोशिश की गई है। जिससे कि आयुर्वेद के अध्येता अधिकतम लाभ सुश्रुतसंहिता का उठा सकें। मूल संहिता की शुद्धि का ध्यान पूरा रखा गया है। आयुर्वेद के विद्यार्थी, शिक्षक तथा आयुर्वेद में रुचि रखने वाले सामान्यजन, सभी को इस व्याख्या से लाभ मिले। इसी आशा के साथ “ध्वनि हिन्दी व्याख्या" आप सभी के लिये प्रस्तुत है।
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