Uttarakhand - 25 Years of Development ( Silver Jubilee of State Formation )
Dr. S.C. Kharakwal · Winsar Publishing Co.
प्रस्तुत पुस्तक को कुल बारह अध्यायों में विभक्त किया गया है। पहला अध्याय उत्तराखण्डः एक परिचय के नाम से है जिसमें राज्य की अवस्थिति एवं विस्तार, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, राज्य गठन से पूर्व एवं वर्तमान की प्रशासनिक इकाइयों, राज्य गठन हेतु आन्दालन आदि का विवरण दिया गया है। भौगोलिक पृष्ठभूमि नामक दूसरे अध्याय में भौगर्भिक संरचना, भौतिक विभाग, प्रवाह तंत्र, झील तथा हिमानियाँ, जलवायु, मृदा तथा प्राकृतिक वनस्पति वर्णित है। तीसरे अध्याय में राज्य की अर्थव्यवस्था में विभिन्न खोली से प्राप्त आय का वर्णन किया गया है। चौथा अध्याय भूमि उपयोग संरचना में परिवर्तन के प्रतिरूपों पर आधारित है। पाँचवें अध्याय में वन, वनीकरण एवं राष्ट्रीय उद्यान की योजनाओं का वर्णन है। कृषि, उत्पादन एवं नवप्रवर्तन नामक छठे अध्याय में कृषि पर आधारित आर्थिकी का उल्लेख किया गया है। सातवें अध्याय में उद्यानिकी एवं सम्बद्ध क्षेत्रों की चर्चा की गई है। आठवाँ अध्याय पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य विकास पर आधारित है। नौवाँ अध्याय राज्य में औद्योगिक विकास को दर्शाता है। दसवाँ अध्याय परिवहन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास पर प्रकाश डालता है। ग्यारहवाँ अध्याय अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास पर आधारित है। अन्तिम बारहवाँ अध्याय सामाजिक विकास एवं परिवर्तन को दर्शाता है।
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