Kumaramritam

Kumaramritam

Acharya Balkrishna · Divya Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First

₹293 ₹325 10% off

कुमारामृतम् आयुर्वेद के शल्य, शालाक्य, काय-चिकित्सा आदि आठ अङ्गों में बाल-चिकित्सा एक महत्त्वपूर्ण अङ्ग है। इसे 'कौमारभृत्य' भी कहते हैं। खण्डित रूप में उपलब्ध काश्यपसंहिता कौमारभृत्य की अति प्राचीन एवं विस्तृत रचना है। चरकसंहिता एवं सुश्रुतसंहिता में भी कौमारभृत्य का वर्णन है। इसके अतिरिक्त 'कुमारतन्त्र' नामक एतद्विषयक प्राचीन रचना का नाम भी सुना जाता है। परवर्ती काल में कौमारभृत्य-विषयक अनेक स्वतन्त्र एवं लघु ग्रन्थ रचे गये थे। इनमें रावणकृत 'कुमारतन्त्र' कल्याणवैद्यकृत 'बालतन्त्र' एवं वन्दीमिश्रिकृत 'योगसुधानिधि' आदि बालचिकित्सा-विषयक ग्रन्थ उपलब्ध होते हैं। इसी कड़ी में वैद्याचार्य वाल्मीक ने 'कुमारामृतम्' नामक संग्रहग्रन्थ रचा था, जिसमें शिशु-चिकित्सा का विशदतया वर्णन है। आचार्यश्री बालकृष्ण जी ने इस ग्रन्थ की दुर्लभ प्राचीन हस्तलिखित प्रतिलिपियों का अन्वेषण कर उनके आधार पर इसका पहली बार सुपरिष्कृत समीक्षात्मक संस्करण हिन्दीव्याख्या सहित प्रस्तुत किया है। यह आचार्यश्री का आयुर्वेदीय क्षेत्र में महनीय अवदान है और वैद्य-समाज के लिए एक विशिष्ट उपहार है। एतदर्थ आचार्यश्री विशेष रूप से अभिनन्दनीय हैं। इस ग्रन्थ के प्रकाशन से अवश्य ही आयुर्वेदीय साहित्य की श्रीवृद्धि होगी। वाल्मीक वैद्य द्वारा रचे गये इस ग्रन्थ में प्रसूतिरोगों एवं शिशुरोगों में बहुत ही प्रभावकारी एवं दुर्लभयोगों (नुस्खों) का उल्लेख मिलता है। अतः यह विशेष रूप से चिकित्सोपयोगी ग्रन्थ है। यह आयुर्वेद के अध्येताओं, अध्यापको एवं शोधार्थियों के लिए विशेष उपयोगी सिद्ध होगा, ऐसी आशा है। इससे ऋषियों की सरल, सुगम एवं निरापद चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार को बल मिलेगा।

ISBN-139789388508568
AuthorAcharya Balkrishna
PublisherDivya Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst
Pages285
Year2020

Category: Ayurveda Medicine

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