योग उपनिषद् संग्रह: Yoga Upanishad Sangrah (योग प्रभाकरभाष्य ) 2 Volume Set

योग उपनिषद् संग्रह: Yoga Upanishad Sangrah (योग प्रभाकरभाष्य ) 2 Volume Set

Swami Anant Bharti · Chaukhambha Orientalia

Sanskrit Hindi · Hardcover · Edition: First

₹1,440 ₹1,800 20% off

प्रस्तुत ग्रंथ ब्रह्मबिंदु शांतिमंत्र एवं मुक्ति उपनिषद में प्राप्त गणना के अनुसार कृष्ण यजुर्वेद से संबंधित उपनिषदों में अन्यतम है। इसी शाखा से संबंधित तेजोबिन्दु एवं ध्यान बिंदु दो अन्य उपनिषद भी हैं जो बिंदु पद से युक्त हैं। इनमें अतिरिक्त शुक्ल यजुर्वेद से संबंधित नादबिन्दु उपनिषद भी है, जिसका नाम से बिंदु पद स्थापित हुआ है। बिंदु पद का अर्थ है अतिअल्प में अतिशय का होना। प्रस्तुत ब्रह्मबिंदु उपनिषद में इसी प्रकार का ग्रंथ है जिसमें अत्यंत संक्षेप में ब्रह्मविद्या का विवरण निबद्ध है। प्रस्तुत ग्रन्थ ब्रह्मबिन्दु ब्रह्मविद्या सम्बन्धी केवल बाईस श्लोकों का अत्यन्त लघु ग्रन्थ है। इसमें आचार्य शंकर द्वारा प्रवर्त्तित अथवा प्रचारित अद्वैत वेदान्त को आधार मानकर मोक्षमार्ग का प्रतिपादन किया गया है।

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