Sukh Shanti Ka Marg

Sukh Shanti Ka Marg

Shri Hanuman Prasad Ji Poddar · Gita Press Gorakhpur

Hindi · Hardcover · Edition: First

₹50

मनुष्य जब तक दूसरे व्यक्ति, वस्तु, परिस्थिति, स्थान में सुख और शान्ति की तलाश करने का प्रयास करता है तब तक उसके हाथ दैन्य, निराशा और विषाद ही लगता है। वास्तविक सुख-शान्ति प्रभु की भक्ति तथा प्राप्ति में ही है। इस पुस्तक में भक्ति और उसकी प्राप्ति के विभिन्न आयामों की विस्तृत चर्चा की गयी है।

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