Parlok Aur Punarjanma Ki Satya Ghatnayen
Shri Jayadayal Ji Goyandka · Gita Press Gorakhpur
₹30
भारतीय संस्कृति और हिन्दू-धर्म में पुनर्जन्म का सिद्धान्त निर्विवाद रूप में स्वीकार किया गया है। जीव अपने कर्मानुसार समय-समय पर विभिन्न योनियों में जन्म लेता है और सुख-दुःख का फल भोगता है। इस पुस्तक में पुनर्जन्म के सिद्धान्त को पुष्ट करनेवाली 24 सत्य घटनाओं का कथानक के रूपमें सुन्दर चित्रण किया गया है।
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