इस्लामिक राज्य का भ्रम : Islamic Rajya Ka Bhram
Tarek Fatah · Kautilya Books
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खरी - खरी बातें कहने के लिए बहुचर्चित लेखक तारिक फतेह ने अपनी इस किताब में बताया है कि इस्लामिक राज्य एक भ्रम मात्र है। खलीफाओं के समय से ही धर्म को पीछे धकेलकर राजनीतिक सत्ता को प्रमुखता दी जाती रही है। अरब के रेगिस्तान से यह धर्म पूरी दुनिया में फैला , लेकिन धर्म केवल मुखौटा रहा। असली संघर्ष तो गद्दी पर बैठने के लिए था। इसी के लिए रक्तपात हुआ और गर्दने उड़ा दी जाती रहीं। आज जो तत्व इस्लामी राज्य की बात करते है , वे बड़ी चालाकी से इस्लाम के इतिहास पर पर्दा डाले रहते हैं। पुस्तक में बताया गया है कि जब - जब खलीफा उदार रहे , तब - तब समाज में चौमुखी प्रगति हुई , लेकिन जैसे ही धार्मिक कट्टरता बढ़ी , परिस्थितियाँ बिगड़ती गयीं। इस्लाम के विकास को समझने के लिए यह पुस्तक अनिवार्य है।
| ISBN-13 | 9789387809406 |
|---|---|
| Author | Tarek Fatah |
| Publisher | Kautilya Books |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Edition | First |
| Pages | 429 |
| Year | 2019 |
| Subject | Political |
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