Anubhutiyon Ki Kavyanjali
Sujata Prasad · Kautilya Books
₹125
अनुभूतियों की काव्यांजलि कल्पनाओं की कूंची और सच की स्याही देने वाले तमाम एहसासों में तथ्यात्मक कथ्य को लेकर रची गई कविताएं अनुभूति के स्तर पर श्रेष्ठ हैं। सर्वविदित है कि साहित्य की सबसे कोमल विधा कविता है। इसमें माधुर्य है, रस है, पठनीयता है और संप्रेषणीयता है, जो इसे पाठकों द्वारा सर्वाधिक ग्राह्य बनाता है। ग्राह्यता अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। कविता की एक अन्य विशेषता उसकी गेयता में सन्निहित है। प्रस्तुत पुस्तक की अधिकांश कविताएं उनमें से दोनों अथवा एक विशेषता से पूर्ण हैं। इन दोनों मानदंडों को लेकर चलें तो प्रस्तुत संग्रह को एक महत्वपूर्ण कृति मानना पड़ेगा। संपर्क भाषा में लिखी गई लोक जन की पुस्तक "अनुभूतियों की काव्यांजलि" एक ऐसा ही समर्थ काव्यसंग्रह है।
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