Ek Thi Shail Baisa
Shradha Arha · Kautilya Books
₹299
'एक थी शैल बाईसा' उपन्यास शैल बाई की कहानी के साथ ही मेघ सिंह जी और केसर बाई के प्रेम और अनुराग की कहानी भी है। यह डावड़ी सरबरी बाई के रेगिस्तान से जीवन को नकारते रहने की, नलिनी बाई के स्थापित मूल्यों में विश्वास और दौलत बाई के ब्याज से नारी जाति की सामाजिक कंडीशनिंग की कहानी भी है। यह आज से सौ वर्ष पहले के उस राजस्थान और उसके गाँवों की कहानी है जिसकी पगडंडियाँ पक्की सड़कों के नीचे दबती जा रही है, जिसके वस्त्रों और आभूषणों की विविधता सिमट कर पतलून के बेल्ट संग बँधती जा रही है। कथा उन रिवाजों की भी हैं जिन्हें नेत्रों से हृदय और हृदय से नेत्रों तक भर लेने की चाह होती थी और अंततः ये कहानी उन अपनों की भी है जिनके हृदय में ईर्ष्या-डाह की अग्नि रह-रह कर धधकती है और एक हरियल बाग को दावानल में बदल देती है।
| ISBN-13 | 9789360632991 |
|---|---|
| Author | Shradha Arha |
| Publisher | Kautilya Books |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Subject | General |
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