Asman Ke Khilaf

Asman Ke Khilaf

Tarana Parveen · Kautilya Books

Hindi · Paperback · Edition: N/A

₹299

कहानी संग्रह की शुरुआत में लिखे ये शब्द भूमिका नहीं शायद एक अधूरी कहानी या एक अधूरी बात है जिसे ये कहानियाँ ही पूरा करेंगी। संग्रह में समकालीन समाज की उन दबी आवाजों की कहानियाँ हैं जो वर्षों तक चुप रहीं, सहती रहीं, फिर एक दिन इस ख़ामोशी को तोड़कर बाहर आ गई। भूख, रोजगार, रिश्तों और आत्म सम्मान की लड़ाई लड़ते आदमी औरतों की मार्मिक कहानियाँ इस संग्रह में शामिल की गई हैं। संग्रह उन ख़ामोश लोगों की भी याद है जो दिनभर जिंदगी का बोझ ढो कर रात को थक-हार कर सड़क के किसी किनारे या किसी झोंपड़पट्टी में मरते-पड़ते, जैसे-तैसे सो जाते हैं और दूसरे दिन फिर से इस बोझ को ढोने के लिए चल पड़ते हैं। यह उन औरतों, आदमियों और बच्चों के हौसले हिम्मत और सब्र को सलाम है, जिन्होंने बेहिसाब मुश्किलें झेलीं, मगर हार को अपने क़रीब नहीं आने दिया।

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