Gaye Dinon Ka Surag Lekar

Gaye Dinon Ka Surag Lekar

Durgaprasad Agrawal · Kautilya Books

Hindi · Paperback · Edition: N/A

₹350

'गए दिनों का सुराग़ लेकर 'के ये संस्मरण पढ़ते हुए कभी ठहाका लगाएँगे, कभी उदास होंगे, कभी आपकी आँखें नम होंगी तो कभी आप विचारमग्न हो जाएँगे, कभी आप अपने जीवन का भी वैसा ही कोई प्रसंग याद करेंगे तो कभी जीवन की विचित्रता पर चकित होंगे. इन संस्मरणों की आप पर प्रतिक्रिया चाहे जैसी भी हो, एक बात निश्चित है और इसे आप हमारी चेतावनी भी मानें, कि एक बार इस किताब को हाथ में ले लेंगे तो इसे पूरी किए बगैर आप छोड़ नहीं पाएँगे.

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