Ab Aur Yahan
Durgaprasad Agrawal · Kautilya Books
₹399
'अब और यहाँ' हमारे समय और आसपास में होने वाले परिवर्तनों की पड़ताल है। अपने समय और उसके आसपास को अपनी निगाह में लेने और समझने-समझाने की कोई बहुत समृद्ध परंपरा हिंदी में नहीं है। हालत यह है कि इस तरह के काम को कभी-कभी हिंदी में 'तात्कालिक ' में सीमित कर उसका अवमूल्यन भी किया जाता है। अब जैसा समय और समाज हम बनते जा रहे हैं, उसमें इस तरह के काम की ज़रूरत और महत्त्व बहुत बढ़ गया है। अब परिवर्तन की गति इतनी तेज और जटिल है कि उसमें कथित 'शाश्वत' का अस्तित्व ही संदिग्ध लगता है। 'अब और यहाँ' का लेखक दूरस्थ के बजाय अपने उस आसपास को देखता-परखता है, जो हमारे दैनंदिन जीवन से सीधे संबद्ध है।
| ISBN-13 | 9789360636661 |
|---|---|
| Author | Durgaprasad Agrawal |
| Publisher | Kautilya Books |
| Language | Hindi |
| Binding | Hardcover |
| Subject | General |
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