Samkalin Hindi Yatra Vritant : Vividh Aayam
Hemant Kumar · Kautilya Books
हिंदी साहित्य में 'समकालीन'" की अवधारणा कविता. कहानी. उपन्यास तथा नाटक में प्रमुखता से देखी जाती है। भारतीय संदर्भ में बीसवीं शताब्दी के सत्तर अस्सी के दशक के बीच में प्राय: समकालीन का दौर सशक्त हआ। समकालीन दौर को गढ़ने में उस समय की परिस्थितियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है जैसे-भारत में 1960 के बाद के स्त्री आन्दोलन. डॉ. अंबेडकर के प्रभाव में महाराष्ट के साथ-साथ देश के अन्य भागों में शुरू हए दलित आंदोलन, सन् 1967 में नक्सलवाद का जन्म. इंटरनेट का आविष्कार. सन 1991 में सोवियत संघ का विघटन, सन 1990 के आस-पास आर्थिक उदारीकरण, भमंडलीकरण, बाबरी मस्जिद के ध्वंस. रूस का विघटन के बाद कमजोर होना तथा अमेरिका का विश्वशक्ति के रूप में उभरना. कंप्यटर के नए वर्जन का आविष्कार, दरसंचार क्रांति, मीडिया क्रांति, जैसे अनेक म्ददे हैं। इस प्रकार तात्कालिक परिस्थितियों का प्रभाव साहित्य पर पडा जिससे यात्रा साहित्य भी अछता नहीं रह सका ।
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