आलोचना के नये क्षितिज : Aalochna ke Naye Kshitij - A Series of 10 Books
Pallav · Kautilya Books
आलोचना के नये क्षितिज' कौटिल्य बुक्स की महत्त्वाकांक्षी श्रृंखला है जिसमें वर्तमान आलोचना में सार्थक हस्तक्षेप करने वाले वरिष्ठ आलोचकों के कृतित्व का प्रतिनिधि लेखन है। किसी भी समय के साहित्य के लिए आलोचना की उपस्थिति सबसे आवश्यक है जो न केवल साहित्य के मूल्य निर्णय की जिम्मेदारी लेती है बल्कि अपने समय के साहित्यिकों के प्रदाय का स्थान भी निर्धारित करती है। पाठकों, शोधार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए यह श्रृंखला उपयोगी सिद्ध होगी। सुपरिचित आलोचक और बनास जन के सम्पादक पल्लव ने इस श्रृंखला का सम्पादन किया है जो पूर्व में भी कौटिल्य बुक्स की एक गौरवमयी पुस्तक श्रृंखला 'मैं और मेरी कहानियाँ' का सम्पादन कर चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू महाविद्यालय में सह आचार्य डॉ पल्लव अपनी साहित्यिक सक्रियता और गहन अंतर्दृष्टि के कारण समादृत हुए हैं।
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