Tapas
Roberto Calasso · Kautilya Books
₹250
वेदों के समय जो ऋषि - मुनि थे , उन्हें उच्च कोटि का ज्ञान था। इसी कारण उन्होंने न तो महल बनाये न ही बड़े संस्थान। धरती जैसी थी , वैसे ही उसे रहने दिया। पश्चिम के प्रसिद्ध विद्वान रोबर्तो कलासो ने लंबा समय भारत में व्यतीत करने के बाद यह किताब लिखी है। ऋग्वेद पर आधारित इस पुस्तक में तब की प्रवृत्तियों , प्रतीकों और संस्कारों का एक नयी दृष्टि से विवेचन किया गया है। ऋग्वेद को समझने में यह पुस्तक काफी उपयोगी सिद्ध होती है।
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