Aangan Mein Kilakariyan

Aangan Mein Kilakariyan

Dr. Shrigopal Kabra · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First, 2006

₹100

Aangan Mein Kilakariyan डॉ. श्रीगोपाल काबरा का काव्य संग्रह ‘आँगण में किलकारियाँ’ राजस्थानी रंग में रंगी कविताओं का एक विशिष्ट संकलन है। यह ग्राम्य जीवन की इंद्रधनुषी छटाओं और प्रकृति के नानारंगी परिदृश्यों के कुशल चित्रण के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञानी होने के बावजूद विज्ञान की अनेक उपलब्धियों पर कटाक

राजस्थानी रंग में रंगी कविताएँ डॉ. श्रीगोपाल काबरा राजस्थान प्रदेश के सुपरिचित चिकित्सा विज्ञानी और सामाजिक चिन्तक ही नहीं, साहित्य के क्षेत्र में भी उनका पर्याप्त हस्तक्षेप है। वैज्ञानिक जानकारी को जनसामान्य तक सरल भाषा में पहुँचाने के लिए सुप्रतिष्ठित आत्माराम सम्मान से अलंकृत डॉ. काबरा के अनेक कथा संग्रह छप चुके हैं। कविता के क्षेत्र में भी उन्होंने अपने प्रथम काव्य संग्रह ‘सारंगी का सुर गुम्या’ से अपनी जो विशिष्ट पहचान बनाई है, यह दूसरा संकलन उसे और अधिक विशिष्टता प्रदान करता है। डॉ. काबरा की अनुभूतियां और उनकी अभिव्यक्ति पूर्णतः राजस्थानी रंग में रंगी है। वे ग्राम्य जीवन की इन्द्रधनुषी छटाओं और प्रकृति के नानारंगी परिदृश्यों के कुशल चितेरे हैं। उनका ग्राम्य प्रेम उन कविताओं में और भी प्रखर हो गया है, जो उन्होंने अपने अमरीका प्रवास में या उसके लौटने के बाद लिखी हैं। इस संकलन में ऐसी अनेक कविताएं हैं। चिकित्सा विज्ञानी होते हुए भी डॉ. काबरा विज्ञान की अनेक उपलब्धियों पर कटाक्ष करने से नहीं चूकते। किराये की कोख का किस प्रकार देह व्यापार हो रहा है, इस पर उन्होंने अपनी एक कविता में अपने मन की पीड़ा को व्यक्त किया है। मैं डॉ. काबरा की कविताओं में व्यक्त जमीन से जुड़ी सघन अनुभूतियों और उनकी सक्षम व्यंजनाओं के लिए उन्हें साधुवाद दिए बिना नहीं रह सकता। रूस के महान कथाकार एंटन चेखव ने चिकित्सा विज्ञान की शिक्षा ग्रहण की थी, किन्तु साहित्य के प्रति उनका अनुराग इतना बढ़ा कि वे एक विश्वविख्यात कथा लेखक के रूप में जाने गये। उन्होंने एक बार कहा था ‘मेडीसिन इज माई वाइफ व्हाइल लिट्रेचर इज माई मिस्ट्रैस । यह उक्ति प्रकटतः काबरा के रचना संसार को देखकर उनके संदर्भ में भी चरितार्थ हुई प्रतीत होती है। डॉ. मनोहर प्रभाकर

ISBN-139788170563495
AuthorDr. Shrigopal Kabra
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst, 2006
Pages96
Year2006
SubjectLiterature & Fiction

Category: Literature , Fiction & Non-Fiction

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