Sachitra Hast Rekha Vigyan
Dr. Mahendra Kumar Mishra · Panchsheel Prakashan
Sachitra Hast Rekha Vigyan ज्योतिष का एक संपूर्ण और प्रामाणिक शास्त्र, ‘सचित्र हस्त रेखा विज्ञान’ मानव जीवन के सभी पहलुओं पर विचार करता है। यह हथेली की रेखाओं, हाथों के रूपाकार, और उनके प्रभावों का सचित्र अध्ययन प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक स्वयं को ठगे जाने से बच सकते हैं और व्यावहारिक जीवन में अमं
ज्योतिष एकं सम्पूर्ण शास्त्र है। शास्त्र का क्रमिक व प्रामाणिक ज्ञान तथा व्यावहारिक समन्वय ये दो तत्त्व जब आपस में मिल जाते हैं तो एक निपुण ज्योतिषी का निर्माण करते हैं। ज्योतिष की आधुनिक जानकारियों से युक्त ‘सचित्र हस्त रेखा विज्ञान’ एक ऐसा विज्ञान है जो मानव जीवन के सभी पहलुओं पर विचार प्रकट करता है। चेतना, वाणी, शारीरिक रचना, विवेक और धारणा के आधार पर मानव समस्त प्राणियों से अधिक विकसित बुद्धि वाला है। मानव शरीर में हाथ एक ऐसा अंग है जो प्रत्येक कर्म का कर्ता होने के साथ कर्त्तव्य का जनक है। हाथ की उपयोगिता का समर्थन महामूर्ख व्यक्ति भी अपने शब्दों में परम उत्साह के साथ करता है। प्रस्तुत पुस्तक में हथेली की रेखाओं का अध्ययन है। रूपाकार की भिन्नता हाथों में पायी जाती है। पतले, सुड़ौल, मोटे, विकृत, गोल, चपटे, शुण्डाकार, दण्डाकार हाथ देखे जाते हैं। इन सबका परिचय इस हस्त रेखा विज्ञान में प्रस्तुत किया गया है। इसको पढ़कर पाठक लोगों के वाग्जाल में फंसकर अपने-आपको नहीं ठगायेगा। व्यावहारिक जीवन में इसको धारण करके अमंगल से बचा जा सकता है।
| Author | Dr. Mahendra Kumar Mishra |
|---|---|
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Pages | 352 |
| Subject | Astrology & Vastu |
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