Samaj Bhasha Vigyan Ki Bhoomika
Tejpal Chaudhary · Panchsheel Prakashan
₹100
समाज भाषा विज्ञान अपेक्षाकृत अर्वाचीन ज्ञानशाखा है। इसका अध्ययन अभी अपने प्रथम चरण में ही है। समाज भाषा विज्ञान की दृष्टि में भाषा केवल ध्वनियों, पदों और वाक्यों का समूह मात्र नहीं है। यह एक सजीव संप्रेषण माध्यम है, और समाज के सम्पूर्ण चिन्तन प्रवाह और आन्तरिक-बाह्य व्यवस्था को अभिव्यक्त करती है। प्
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