Maansarovar (Bhag-3)

Maansarovar (Bhag-3)

Premchand · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First, 2013

₹100

इस भाग में सामाजिक विषमता, जाति-भेद और परंपरा बनाम सुधार के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। कहानियाँ समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करती हैं और प्रेमचंद की सामाजिक चेतना को स्पष्ट रूप से सामने लाती हैं।

Buy Now

India's trusted online book store