Pravasi Hindi Sahitya : Rachna-Prakriya Evam Sameeksha

Pravasi Hindi Sahitya : Rachna-Prakriya Evam Sameeksha

Dr. Vimlesh Sharma · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First

₹153 ₹180 15% off

प्रवासी हिन्दी साहित्य : रचना-प्रक्रिया एवं समीक्षा वैश्विक स्तर पर फैले भारतीय समुदाय के जीवन-अनुभवों, सांस्कृतिक चेतना, संघर्ष और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक प्रामाणिक एवं शोधपरक दस्तावेज़ है। यह पुस्तक गिरमिटिया काल से लेकर आधुनिक युग तक के प्रवासी भारतीयों के विस्थापन, पहचान के संकट, द्वंद्व और अप

प्रवासी हिन्दी साहित्य : रचना-प्रक्रिया एवं समीक्षा वैश्विक स्तर पर फैले भारतीय समुदाय के जीवन-अनुभवों, सांस्कृतिक चेतना, संघर्ष और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक प्रामाणिक एवं शोधपरक दस्तावेज़ है। यह पुस्तक गिरमिटिया काल से लेकर आधुनिक युग तक के प्रवासी भारतीयों के विस्थापन, पहचान के संकट, द्वंद्व और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की जिजीविषा को गहनता से रेखांकित करती है। पुस्तक की मुख्य विशेषताएं: प्रवास का ऐतिहासिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य: औपनिवेशिक काल में फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद एवं टोबैगो गए भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों के मानवीय संघर्ष, शोषण और सांस्कृतिक निरंतरता का विश्लेषण। सांस्कृतिक अस्मिता और स्मृतियाँ: नई भूमि पर अपनी भाषा, जीवन-मूल्यों और भारतीय संस्कृति की सुगंध को जीवित रखने वाले प्रवासियों की संवेदनशीलता की पड़ताल। रचना-प्रक्रिया एवं समीक्षा: प्रवासी साहित्यकारों के वैचारिक दृष्टिकोण, विषय-विस्तार और उनकी साहित्यिक रचनाओं का गहन व अकादमिक मूल्यांकन। वैश्विक दृष्टि: वैश्विक भारतीय समाज की सामूहिक स्मृति, राष्ट्रीय पहचान और समकालीन हिंदी साहित्य में प्रवासी लेखन के महत्व पर विचारोत्तेजक सामग्री। यह कृति शोधार्थियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले सुधी पाठकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और संदर्भ-योग्य ग्रंथ है।

ISBN-139789349111042
AuthorDr. Vimlesh Sharma
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst
Pages168
Year2026
SubjectHindi Language & Literature

Category: Textbooks & Study Guides

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