Chaploosi Ka Anushasan

Chaploosi Ka Anushasan

Ajay Anuragi · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First, 2007

₹170 ₹200 15% off

“चापलूसी का अनुशासन” एक ऐसा व्यंग्य संग्रह है जो व्यक्ति के भीतर छिपी चिपकी स्वार्थ और चापलूसी की प्रवृत्ति के छिलकों को उतारकर उजागर करने की कोशिश करता है। व्यक्ति अधिकारों के प्रति सजगता दिखा रहा है, किन्तु कर्त्तव्यों के प्रति उदासीन, ऐसा क्यों? ये व्यंग्य व्यक्ति के उन मनोवैज्ञानिक पक्षों का भी

Buy Now

India's trusted online book store