Subah Ki Pahli Kiran

Subah Ki Pahli Kiran

Heera Sadhak · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First

₹170 ₹200 15% off

Subah Ki Pahli Kiran हीरा साधक की कहानियाँ हिन्दी पाठकों का नई अनुभूतियों और भावनाओं से परिचय कराएँगी। ‘सुबह की पहली किरण’ संग्रह की कहानियाँ ‘डेवलपमेंटल लिटरेचर’ के दायरे में आती हैं, जहाँ विकास और व्यापार जगत की गतिविधियाँ या लोकाचार विषय बनाए गए हैं। यह कृति शोषण, हताशा, और मध्यमवर्गीय समाज की पह

सुबह की पहली किरण : ताजा कथ्यों की कहानियाँ हीरा साधक की कहानियाँ हिन्दी पाठकों का नई अनुभूतियों और भावनाओं से परिचय कराएँगी। संग्रह की एक कहानी है’ वह लड़की’, उसका एक उद्धरण देखिये’ आजकल की कहानियों में सत्रहवीं शताब्दी की मानसिकता भरी हुई है। नये युग की मानसिकता कहीं दिखाई नहीं पड़ती। ये सब व्यापार, वाणिज्य और अर्थनीति को लेकर जो कहानियाँ लिखी गयीं हैं, वो पढ़ने योग्य नहीं है। मनुष्य के दुःख-दर्द और दुर्दशा की कहानियाँ लिखिए।” उस वक्त सुमजीत ने कहा था ‘सर साहित्य की एक नई धारा है, जिसको डेवलपमेन्टल लिट्रेचर कहते हैं।” वास्तव में इस संग्रह की सारी कहानियाँ इसी डेवलपमेन्टल टेम्परामेन्ट की कहानियाँ हैं। विकास और व्यापार जगत् की गतिविधियाँ या लोकाचारों को इन कहानियों का विषय बनाया गया है। यह बड़ी बात है कि लेखन की रचनात्मकता सभी कहानियों में मौजूद है। उपर्युक्त उद्धरण में सुमजीत नाम का चरित्र भले ही नवीनता या मॉडर्निटी की वकालत कर रहा हो, लेकिन वह सिर्फ शिल्प और सन्दर्भ को लेकर ही है। कहानी के केन्द्र में मनुष्य की जिजीविषा के क्षण, तकलीफें, आकांक्षाएँ और हताशाएँ हर वक्त हाजिर रहती हैं, बगैर इसके कोई रचनात्मक रचना नहीं हो सकती, इसलिए अर्थशास्त्री हीरा साधक की कहानियाँ मुझे बहुत पसन्द आई हैं। शोषण और हताशा के कारण सिर्फ आर्थिक नहीं होते, वे भावनात्मक भी होते हैं। हीरा साधक के पात्र महत्त्वाकांक्षी हैं, लेकिन हालात के शिकार भी हैं जो कि हमारे मध्यमवर्गीय समाज की खास पहचान बन चुके हैं। इन कहानियों का अनुवाद मंजुश्री साधक ने सरस और प्रवाहमयी हिन्दी में साधिकार किया है। उनकी सरल हिन्दी बड़ी मोहक है। मुझे उम्मीद है कि हिन्दी में एक नये अनुभव की इन कहानियों का भरपूर स्वागत होगा। शुकामनाओं सहित !

ISBN-139788170564850
AuthorHeera Sadhak
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst
Pages144
Year2009
SubjectLiterature & Fiction

Category: Literature , Fiction & Non-Fiction

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