Anthas Ka Mahabharat

Anthas Ka Mahabharat

Pavan Kumar 'Pavan' · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: Second, 2010

₹170 ₹200 15% off

मानव के मन में अच्छी वृत्तियों यथा श्रद्धा- भक्ति, दृढ़ता-स्थिरता, दया-करुणा, विवेक-वैराग्य, सत्य-शील, क्षमता-साहस, लज्जा, ग्लानि तथा बुरी वृत्तियों यथा काम-क्रोध, लोभ-मोह, मद-मत्सर- अहंकार, घृणा-हिंसा, प्रमाद-आलस्य आदि के मध्य वर्चस्व का युद्ध अनादिकाल से जारी है। मनुष्य के मन के इसी संघर्ष पर आधार

मानव के मन में अच्छी वृत्तियों यथा श्रद्धा- भक्ति, दृढ़ता-स्थिरता, दया-करुणा, विवेक-वैराग्य, सत्य-शील, क्षमता-साहस, लज्जा, ग्लानि तथा बुरी वृत्तियों यथा काम-क्रोध, लोभ-मोह, मद-मत्सर- अहंकार, घृणा-हिंसा, प्रमाद-आलस्य आदि के मध्य वर्चस्व का युद्ध अनादिकाल से जारी है। मनुष्य के मन के इसी संघर्ष पर आधारित है यह ‘अन्तस का महाभारत’। इस पुस्तक में अच्छी वृत्तियों की तुलना कौरव पक्ष के योद्धाओं तथा बुरी वृत्तियों की तुलना कौरव पक्ष के योद्धाओं से करके तथा महाभारत युद्ध के विभिन्न दृष्टान्तों को उद्धृत करके लेखक ने इसके कथानक को रोचक बनाने का प्रयास किया है। यह रोचक प्रस्तुति ही इस पुस्तक को दर्शन की अन्य पुस्तकों से विलग करती है। इस पुस्तक में अन्तस की अच्छी तथा बुरी दोनों ही प्रवृत्तियों के सृजन, स्वरूप, प्रकृति, उपयोगिता, अनुपयोगिता तथा उनके विकास अथवा नियंत्रण के साधनों का विस्तार से वर्णन किया गया है। अतः इसमें मानव के मन को समझ सकने हेतु समस्त ज्ञान उपलब्ध है। इस दिशा में यह पुस्तक समग्र रूप से किया गया पहला रोचक प्रयास है। इसे पढ़कर, समझकर तथा इसमें सुझाए गए साधन अपनाकर मनुष्य न केवल अपने मन की अनेक गतियों को समझ सकेगा, अपितु उन्हें नियंत्रित भी कर पायेगा तथा निर्देशित भी। इससे वह अपने व्यवहार तथा आचरण को सर्वगुण सम्पन्न बना सकेगा। अन्य लोगों के आचरण को भी वह स्पष्ट समझ सकेगा और उसके कारण से होने वाले मानसिक संताप से भी मुक्त हो सकेगा।

ISBN-139788170562726
AuthorPavan Kumar 'Pavan'
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionSecond, 2010
Pages168
Year2004
SubjectSelf-Help & Motivation

Category: Self Help

Buy Now

Related books

India's trusted online book store