JanSwasthya Evam Parivar Kalyan
Dr. Brinda Singh · Panchsheel Prakashan
जन स्वास्थ्य की समुचित देखभाल आज की महती आवश्यकता है। इसी के फलस्वरूप स्वास्थ्य के प्रति जो जागरूकता आई है, वह उल्लेखनीय है। स्वास्थ्य का कोई पक्ष ऐसा नहीं है, जिसकी अनदेखी की जाये। यह भी सही है कि स्वास्थ्य के लिए चुनौतियाँ निरन्तर बढ़ती जा रही हैं, लेकिन व्यक्ति की सार्थक सोच ने इसके गम्भीर खतरों
📘 विषय-सूची (Table of Contents) 1. स्वास्थ्य की अवधारणा (Concept of Health) शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा आध्यात्मिक स्वास्थ्य – सुस्वास्थ्य या विधायक स्वास्थ्य की अवधारणा, स्वास्थ्य को निर्धारित एवं प्रभावित करने वाले तत्त्व एवं कारक। 2. पर्यावरण स्वच्छता (Environmental Sanitation) अवधारणा, पर्यावरण का महत्त्व, पर्यावरण प्रदूषण के कारण, पर्यावरण स्वच्छता को सुधारने के निर्धारित तत्त्व (अ) जल के विभिन्न स्रोत (ब) जल की अशुद्धियाँ (स) जल प्रदूषण के कारण, जल का घरेलू शुद्धिकरण, वाटर वर्क्स के कार्य, वायु प्रदूषण, प्रदूषित वायु का स्वास्थ्य पर प्रभाव, ध्वनि प्रदूषण से स्वास्थ्य पर प्रभाव, मृदा प्रदूषण, नाभिकीय प्रदूषण। (द) संवातन संवातन के प्रकार, अपर्याप्त संवातन के स्वास्थ्य पर प्रभाव। (य) मल एवं कूड़े-कचरे के निकास के विभिन्न तरीके। (२) मानव मल के निष्कासन एवं निस्तारण की विधियाँ। 3. सामुदायिक स्वास्थ्य (Community Health) सामुदायिक स्वास्थ्य का अर्थ, स्वास्थ्य समस्याएँ एवं कारण 4. विद्यालयी स्वास्थ्य (School Health) विद्यालयी स्वास्थ्य सेवा के उद्देश्य, विद्यालय स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र। 5. स्वास्थ्य शिक्षा (Health Education) धारणा, उद्देश्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा के सिद्धान्त। 6. रोग (Disease) कारण, संचरण के साधन, उद्भवन काल, लक्षण, उपचार एवं प्रतिरोध के उपाय- (अ) जल भोजन तथा दुग्ध वाहित रोग- हैजा, टायफॉइड, डिप्थीरिया। (ब) वाइरस तथा वायुरहित रोग- चेचक, छोटी माता, काली खाँसी, क्षय रोग, पोलियो। (स) कीट व जीव-जन्तुओं द्वारा उत्पन्न रोग – मलेरिया। (द) प्रत्यक्ष सम्पर्क द्वारा फैलने वाले रोग- जलसंत्रास, गुप्त रोग या यौन रोग, एड्स, टिटनस। (य) कृमि रोग – निम्नलिखित कृमियों के जीवन चक्र की पहचान, लक्षण तथा रोगों के निरोधक उपाय- (अ) गोल कृमि (ब) अंकुश कृमि (स) डोरे कृमि (द) एन्टअमीबा हिस्टोलिटिका। 7. प्रतिकारिता एवं प्रतिरक्षण (Immunity and Immunization) प्रतिकारिता का वर्गीकरण, प्रतिरक्षण, भेद व सारणी। 8. भारत की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ (Health Problems in India) पोषण सम्बन्धी समस्याएँ, चिकित्सा सेवा सम्बन्धी समस्याएँ, पर्यावरणीय स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की समस्याएँ, संक्रामक रोगों की समस्याएँ, बढ़ती जनसंख्या की समस्याएँ। 9. जन स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य सेवाएँ (Health Se
| Author | Dr. Brinda Singh |
|---|---|
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Pages | 504 |
| Subject | Home Science |
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