Patrakarita Ke Prerak Prasang

Patrakarita Ke Prerak Prasang

Dr. Manohar Prabhakar · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First

₹240 ₹300 20% off

पत्रकारिता का इतिहास जैसे-जैसे दीर्घ से दीर्घतर होता जा रहा है और उसके कर्म-क्षेत्र की परिधि का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, विमर्श के लिए विषय-वैविध्य भी निरन्तर बढ़ रहा है। जन- जीवन के स्पन्दन और हरदम बढ़ती उसकी हलचलों को वाणी देने के लिए एक ओर स्थापित समाचार- पत्रों में सामग्री के प्रस्तुतीकरण

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