Pashchimi Vishv Ka Itihas
Dr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas · Panchsheel Prakashan
सामान्यतः पुनर्जागरण से पश्चिमी संसार के आधुनिक युग का प्रास्म्भ माना जाता है। पुनर्जागरण के परिणामस्वरूप मध्यकालीन मान्यताओं और अन्धविश्वासों का अन्त हुआ। इसने धर्म सुधार आन्दोलन को जन्म दिया जिसने लोगों को चर्च के कट्टर बन्धनों से मुक्त किया। भौगोलिक खोजों तथा वैज्ञानिक आविष्कारों ने उनके कार्यक्ष
विषय-सूची अध्याय 1. सामान्तवाद का उदय एवं पतन सामन्तवाद का अर्थ, सामन्तवाद का उदय: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सामन्तवाद का विकास, सामन्तवाद के विकास के कारण, सामन्ती कार्य विधि, सामन्तों के कर्तव्य, सामन्ती समाज और आर्थिक जीवन-कृषि का विकास, मेनर व्यवस्था, सामन्तवाद के पतन के कारण, सामन्त प्रथा के लाभ, सामन्त प्रथा के दोष। 2. पुनर्जागरण ऐतिहासिक पृष्ठभूमि; स्थिति में परिवर्तन, पुनर्जागरण का अर्थ, पुनर्जागरण की विशेषताएँ, पुनर्जागरण के कारण, इटली में पुनर्जागरण का प्रारम्भ, मानववाद का विकास, साहित्य में पुनर्जागरण की अभिव्यक्ति, कला के क्षेत्र में पुनर्जागरण, विज्ञान के क्षेत्र में पुनर्जागरण, भौगोलिक अनुसन्धान-कारण, खोजें और परिणाम, पुनर्जागरण के परिणाम और महत्त्व । 3. धर्म सुधार आन्दोलन सोलहवीं सदी के प्रारम्भ में कैथोलिक चर्च, धर्म सुधार आन्दोलन का अर्थ, आन्दोलन के कारण, धर्म सुधार के अग्रदूत, मार्टिन लूथर-लूथर के सिद्धान्त। ज्विंग्ली, काल्विन, इंगलैण्ड में एंग्लीकनवाद का उदय, प्रति-सुधार आन्दोलन-जैसुइट संगठन, सुधार आन्दोलन के परिणाम । 4. पश्चिमी यूरोप में वाणिज्यिक क्रान्ति : वाणिज्यवाद वाणिज्यिक क्रान्ति : परिवर्तनों का योगदान, मौद्रिक अर्थव्यवस्था का विकास, वितरण व्यवस्था में सुधार, संचार-साधनों में सुधार, परिवहन सेवाएँ, अटलांटिक महासागर का महत्त्व, व्यापारिक संगठनों का विकास, वाणिज्यवाद-भूमिका, वाणिज्यवाद का जन्म, वाणिज्यवाद का अर्थ, वाणिज्यवाद का उद्देश्य, वाणिज्यवाद के उदय के कारण, प्रमुख वाणिज्यवादी विचारक, वाणिज्यवादियों के प्रमुख विचार, वाणिज्यवाद की नीतियों का व्यावहारिक प्रयोग, वाणिज्यवाद की आलोचना, वाणिज्यवाद का पतन : कारण। 5. उपनिवेशवाद की शुरुआत भूमिका, प्रारम्भिक उपनिवेशवाद के उद्देश्य, पुर्तगाली विस्तार, पूर्व की ओर विस्तार, स्पेनी विस्तार, अंग्रेजों के प्रयास, फ्रांसीसी विस्तार। 6. निरंकुश राज्यों का उदय : फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन निरंकुश राजतन्त्र की विशेषताएँ, निरंकुश राजतन्त्रों के उदय के कारण, फ्रांस में निरंकुश राज्य का उदय-पारी के ड्यूक का निर्वाचन, कापे वंश के राजाओं की सत्ता का विस्तार, फिलिप चतुर्थ, शतंवर्षीय युद्ध, शतवर्षीय युद्ध के बाद, रिशील्यू का काल, कार्डिनल मजारिन, स्पैन में निरंकुश राज्य का उदय-ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्पेन का एकीकरण, चार्ल्
| Author | Dr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas |
|---|---|
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Pages | 584 |
| Subject | History |
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