Ubhaychar Kosh

Ubhaychar Kosh

Dr. Parshuram Shukla · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First, 2012

₹450 ₹500 10% off

Ubhaychar Kosh डॉ. परशुराम शुक्ल द्वारा लिखित ‘उभयचर कोश’ ऐसे जीवों का विश्वकोश है जो अपना जीवन जमीन और पानी दोनों में व्यतीत करते हैं। यह पुस्तक मेढक, टोड, सरटक और सैसीलियन जैसे उभयचरों के निवास स्थल, शारीरिक संरचना, भोजन, प्रजनन संबंधी आदतों और व्यवहारों में पाई जाने वाली बड़ी विविधता का परिचय देत

पृथ्वी पर ऐसे अनेक जीव पाये जाते हैं, जो अपने जीवन का कुछ भाग जमीन पर और कुछ भाग पानी में व्यतीत करते हैं। इन्हें उभयचर कहते हैं। मेढक, टोड, सरटक और सैसीलियन इसी प्रकार के जीव हैं। उभयचरों के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वे कुछ समय जमीन पर और कुछ समय पानी में व्यतीत करें। कुछ उभयचर अपना सम्पूर्ण जीवन जमीन पर व्यतीत करते हैं। ये पानी में कभी नहीं जाते। इसके विपरीत कुछ उभयचर अपना सम्पूर्ण जीवन पानी में व्यतीत करते हैं। वर्तमान समय में विश्व में लगभग 3000 जातियों के उभयचर पाये जाते हैं। आरम्भ में ये नदियों, तालाबों आदि में रहते थे। जलस्रोतों के सूखने की स्थिति में ये जमीन पर आ जाते थे। धीरे- धीरे ये जल और जमीन दोनों में रहने के योग्य हो गये। उभयचरों के निवास स्थल, शारीरिक संरचना, भोजन एवं प्रजनन सम्बन्धी आदतों और व्यवहारों में बड़ी विविधता पायी जाती है। इनकी लम्बाई आधे सेन्टीमीटर से लेकर एक सौ पचास सेन्टीमीटर तक अथवा इससे भी अधिक हो सकती है। कुछ उभयचर चटक-चमकीले रंगों वाले होते हैं। इसके विपरीत कुछ हलके कत्थई अथवा काले रंग के होते हैं। अधिकांश उभयचर भ्रामक समागम करते हैं। इनमें मादाएँ अण्डे देती हैं, किन्तु कुछ मादाएँ बच्चों को जन्म देती हैं। उभयचरों का जीवन इसी प्रकार के रोचक तथ्यों से भरा है।

ISBN-139788170565659
AuthorDr. Parshuram Shukla
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst, 2012
Pages230
Year2012
SubjectReference Books

Category: Education & Reference

Buy Now

Related books

India's trusted online book store