Bhartiya Jyotish
Bhramdatth Sharma · Panchsheel Prakashan
प्रस्तुत पुस्तक “भारतीय ज्योतिष” में लेखक ने ज्योतिष विषय को क्रमबद्ध एवं तर्कसंगत रूप प्रदान करने का अथक् प्रयास किया है। इस पुस्तक के माध्यम से पाठकगण तिथि, वार, नक्षत्र, करण, नौ ग्रह, द्वादश भाव एवं द्वादश राशियों के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त ज्योतिष सम्बन्
प्रस्तुत पुस्तक “भारतीय ज्योतिष” में लेखक ने ज्योतिष विषय को क्रमबद्ध एवं तर्कसंगत रूप प्रदान करने का अथक् प्रयास किया है। इस पुस्तक के माध्यम से पाठकगण तिथि, वार, नक्षत्र, करण, नौ ग्रह, द्वादश भाव एवं द्वादश राशियों के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त ज्योतिष सम्बन्धी जानकारी रखने वाले व्यक्तियों द्वारा, ऐसे व्यक्ति जिनकी जन्मपत्री का अभाव है अथवा जिनके जन्म वर्ष, मास एवं समय का ज्ञान नहीं है, उनके द्वारा किये गये प्रश्नों का सही-सही जवाब दिया जा सकेगा। प्रस्तुत पुस्तक में रोगों की व्याख्या ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य में वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत की गई है। प्रमुख रोगों से सम्बन्धित ग्रह एवं उनको जन्म देने वाले प्रमुख योगों का भी विशद् विवेचन किया गया। वर्तमान समय में आजीविका के नये स्रोतों की उत्पत्ति, रोगों में वृद्धि एवं समाज के समक्ष नये तथ्य आने की वजह से इस पुस्तक के माध्यम से पाठक 130 महत्त्वपूर्ण योगों से भी परिचित हो सकेंगे। इन योगों के माध्यम से ज्योतिष विषय में रुचि रखने वाले व्यक्ति कुण्डली का फलादेश भली प्रकार जान सकेंगे। इसके अतिरिक्त कर्मकाण्ड से सम्बन्धित व्यक्तियों के लिये प्रस्तुत पुस्तक में दैनिक जीवन में महत्त्वपूर्ण मुहुर्तों के बारे में पर्याप्त जानकारी प्रदान की गई है। इस पुस्तक के माध्यम से पाठक रत्न के सम्बन्ध में भी विषद् जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न रोगों की शान्ति के लिये रत्न धारण करने पर भी विचार किया गया है। इसके अतिरिक्त रत्न धारण करने की विभिन्न पद्धतियों एवं उनके प्रभावों पर भी पर्याप्त विचार किया गया है। यह पुस्तक वैवाहिक जीवन, आजीविका, सन्तान विचार, मृत्यु कारण, प्रमुख व्यवसाय एवं प्रमुख रोगों से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध कराती है।
| ISBN-13 | 9788170562658 |
|---|---|
| Author | Bhramdatth Sharma |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Pages | 368 |
| Year | 2004 |
| Subject | Astrology & Vastu |
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