Meri Vyang Rachnaye

Meri Vyang Rachnaye

Puran Sarma · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback

₹400 ₹500 20% off

मेरे प्रिय लेखक हिन्दी व्यंग्य में दो तरह के लोग व्यंग्य लिख रहे हैं-एक वे, जिन्हें व्यंग्य की व्याकरण तथा सौन्दर्यशास्त्र की समझ है और दूसरे वे, जिन्हें इस चीज की कोई समझ नहीं। इसी दूसरे वर्ग में आप एक उपवर्ग उन लोगों का भी कर सकते हैं, जिन्हें खुद तो समझ है नहीं पर साथ ही वे ऐसे लोगों के खिलाफ हैं

मेरे प्रिय लेखक हिन्दी व्यंग्य में दो तरह के लोग व्यंग्य लिख रहे हैं-एक वे, जिन्हें व्यंग्य की व्याकरण तथा सौन्दर्यशास्त्र की समझ है और दूसरे वे, जिन्हें इस चीज की कोई समझ नहीं। इसी दूसरे वर्ग में आप एक उपवर्ग उन लोगों का भी कर सकते हैं, जिन्हें खुद तो समझ है नहीं पर साथ ही वे ऐसे लोगों के खिलाफ हैं जिन्हें व्यंग्य के सौन्दर्यशास्त्र की समझ और परवाह है।…. इसी तरह से आप हिन्दी व्यंग्य को दो तरह के लेखन में बांट सकते हैं-पहला वह, जो वास्तव में व्यंग्य लेखन है और दूसरा वह, जो व्यंग्य लेखन है ही नहीं परन्तु व्यंग्य के नाम पर न केवल परोसा जा रहा है वरन् उसको शोध, समीक्षा, पुरस्कारों तथा चर्चाओं के गले उतारा भी जा रहा है। जाहिर है कि इस परिदृश्य में भ्रम और आपाधापी जैसा माहौल बनना है। वह बना भी है। इस भ्रम के कुहासे में जो गिने-चुने लोग व्यंग्य को उसके व्याकरण, सौन्दग्रशास्त्र तथा बुनावट के सिद्धान्तों पर रच रहे हैं उनमें पूरन सरमा का नाम मैं बेहद सम्मान से लेता हूँ। पूरन सरमा सारी राजनीति और भ्रम की बागड़ से परे अपने व्यंग्य लेखन में मग्न हैं और बढ़िया लिख रहे हैं। यदि कोई नया व्यंग्य लेखक आपसे उन लेखकों का नाम पूछे जिन्हें पढ़कर उसे व्यंग्य की तमीज बढ़ेगी तो मैं लेखकों से पूरन सरमा का नाम कहता हूँ। (अपना तो खैर कहूँगा ही क्योंकि अभी ऐसी सच्चाई मेरे व्यक्तित्व में नहीं आई है जो मुझे खुद का नाम आगे बढ़ाने के कमीनेपन से रोके।) पूरन सरमा का लेखन मुझे हिन्दी के वे अन्य अपेक्षाकृत उपेक्षित रह गये लेखकों की याद दिलाता है। वे शैलीगत रूप में तथा कस्बाई चरित्र उठाने में लतीफ घोंघी जैसे लगते हैं तथा विषय निर्वाह में एक किस्म का भोलापन सा बरतने

ISBN-139788170565260
AuthorPuran Sarma
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
Pages320
Year2010
SubjectLiterature & Fiction

Category: Literature , Fiction & Non-Fiction

Buy Now

Related books

India's trusted online book store