Bhartiya Samaj Mudde Aur Samasyan
Virendra Prakash Sharma · Panchsheel Prakashan
प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय समाज से सम्बन्धित प्रमुख समस्याओं और मुद्दों की समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विवेचना की गई है। सर्वप्रथम निर्धनता, जाति की असमानता और लिंग असमानताओं की समस्याओं पर प्रकाश डाला गया है। भारत में धार्मिक, नृजाति एवं क्षेत्रीय असामंजस्यताओं के अर्थ, कारण, दुष्परिणाम, निवारण के उ
प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय समाज से सम्बन्धित प्रमुख समस्याओं और मुद्दों की समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विवेचना की गई है। सर्वप्रथम निर्धनता, जाति की असमानता और लिंग असमानताओं की समस्याओं पर प्रकाश डाला गया है। भारत में धार्मिक, नृजाति एवं क्षेत्रीय असामंजस्यताओं के अर्थ, कारण, दुष्परिणाम, निवारण के उपायों एवं सुझावों की विवेचना की गई है। अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग, दलित, भूमिहीन श्रमिक एवं सीमान्त कृषकों की समस्याओं का अर्थ, परिभाषा, संवैधानिक प्रावधान, आन्दोलन और इन समस्याओं के निवारण के लिए सरकारी प्रयासों आदि का वर्णन किया गया है। भारत में दहेज, पारिवारिक हिंसा और विवाह- विच्छेद की भी जटिल समस्याएँ हैं। इन समस्याओं के विभिन्न पक्षों पर संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में प्रकाश डाला गया है। इन समस्याओं के अतिरिक्त अपराध, बाल अपराध, श्वेत वस्त्रधारी अपराध, भ्रष्टाचार, अपराध और अपराधियों के परिवर्तित पार्श्वदृश्य और मादक द्रव्य व्यसन आदि की विस्तृत व्याख्या की गई है। भारत में क्षेत्रीय असमानताएँ बहुत हैं तथा इसके निवारण के लिए प्रयास किये जाते रहे हैं। जिसका विवेचन विकासीय- क्षेत्रीय असमानताएँ एवं उत्प्रेरित विस्थापन शीर्षक के अन्तर्गत किया गया है। पारिस्थितिकी अवनति, पर्यावरण प्रदूषण, उपभोक्तावाद एवं मूल्यों का संकट जैसी समकालीन ज्वलंत समस्याओं के विभिन्न पक्षों की व्याख्या भी प्रस्तुत की गई है। पुस्तक के अन्त में दो प्रमुख विषयों – परिप्रेक्ष्य : सामाजिक-सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक, तथा भारतीय समाज : मुद्दे और समस्याओं के परिपेक्ष्य के दोनों सैद्धान्तिक और व्यावहारिक पक्षों की क्रमबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से विवेचना भारतीय समाज से उदाहरण देते हुए की गई है। पुस्तक के सभी विषयों और प्रकरणों से सम्बन्धित आधुनिक सामग्री, आँकड़े एवं सूचनाएँ विभिन्न स्रोतों से एकत्र करके ली गई हैं। आशा है यह पुस्तक जिज्ञासु रूचिशील पाठकों को भारतीय समाज से सम्बन्धित प्रमुख समस्याओं और मुद्दों की समग्र रूप से जानकारी प्रदान करने में सफल सिद्ध होगी।
| ISBN-13 | 9788170562696 |
|---|---|
| Author | Virendra Prakash Sharma |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Edition | Second, 2011 |
| Pages | 352 |
| Year | 2004 |
| Subject | Sociology & Social Issues |
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