Vyashti Arthshastra
Dr. Rita Mathur · Panchsheel Prakashan
Vyashti Arthshastra आर्थिक विश्लेषण में ‘व्यष्टि’ विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करती यह पुस्तक, भारतीय विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर लिखी गई है। डॉ.
आर्थिक विश्लेषण में ‘समष्टि’ एवं ‘व्यष्टि’ विश्लेषण की महत्त्वपूर्ण भूमिका स्वीकार की गयी है। समष्टि एवं व्यष्टि आर्थिक विश्लेषण एक- दूसरे के विकल्प नहीं, पूरक हैं। आर्थिक एवं व्यष्टि विश्लेषण की पारस्परिक निर्भरता सर्वविदित है। अर्थशास्त्र को आर्थिक व्यष्टि भाव तथा आर्थिक समष्टि भाव दोनों प्रकार की समस्याओं का अध्ययन करना पड़ता है। आर्थिक विश्लेषण में अनेक ऐसे अवसर उपस्थित होते हैं जब केवल एक समूह अथवा एक वर्ग को आधार मानकर अध्ययन किया जाना ही उपयुक्त होता है। इस दृष्टि से केवल व्यष्टि आर्थिक विश्लेषण ही उपयोगी होता है। व्यष्टि अर्थशास्त्र विषय पर रचित इस पुस्तक में सम्पूर्ण भारतीय विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित विषय सामग्री को सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक की विषय वस्तु में प्रमुख रूप से माँग तथा माँग का नियम, उदासीनता वक्र विश्लेषण, उपभोक्ता की बचत, लागत सिद्धान्त, पैमाने की बचत, उत्पत्ति के नियम, विभिन्न बाजार स्थितियों में मूल्य निर्धारण, राष्ट्रीय आय, साधन मूल्य निर्धारण आदि को सम्मिलित किया गया है। आशा है पुस्तक का यह संस्करण प्राध्यापकों, छात्रों, शोधकर्ताओं एवं नीति निर्धारकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
| ISBN-13 | 9788170564263 |
|---|---|
| Author | Dr. Rita Mathur |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Edition | First, 2008 |
| Pages | 368 |
| Year | 2008 |
| Subject | Economics |
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