Hindi Patrakarita Ke Nutan Ksitij
Dr. Kalyan Prasad Varma, Dr. Manohar Prabhakar · Panchsheel Prakashan
Hindi Patrakarita Ke Nutan Ksitij हिन्दी पत्रकारिता के बहुआयामी विकास और उसके उत्कर्ष का विश्लेषण करने वाली यह कृति, डॉ. मनोहर प्रभाकर और डॉ.
हिन्दी पत्रकारिता का जो बहुआयामी विकास हुआ है, उसके उत्कर्ष का विश्लेषण करने वाली श्रेष्ठ कृतियों का हिन्दी में लगभग अभाव है। यह कृति इस अभाव की पूर्ति की दिशा में एक विनम्र किन्तु प्रभावी प्रयास है। पिछले अढाई दशकों में हिन्दी पत्रकारिता का परिदृश्य विस्मयकारी ढंग से बदला है। सूचना- प्रवाह, सामग्री वैविध्य, मोहक मुद्रण और साज- सज्जा की दृष्टि से उसने एक लम्बी छलांग लगाई है। लेखन-शिल्प, भाषिक स्वरूप और प्रस्तुतीकरण में व्यक्त उसकी बहुरंगी भंगिमाएँ उसकी प्रगति-यात्रा को जिस शिद्दत के साथ उजागर करती हैं, वे पाठकों के मन और मस्तिष्क को झकझोरने वाली हैं। सूचना, शिक्षण और मनोरंजन तीनों ही नजरियों से उसके मानचित्र में जो नये रंग नजर आ रहे हैं, उनका विश्लेषण और मीमांसा उत्तरोत्तर महत्त्वपूर्ण होती जा रही है। अधिकारी विद्वानों द्वारा लिखित इस पुस्तक में समाविष्ट सामग्री मीडिया के विभिन्न पहलुओं के अध्येताओं की जिज्ञासा को न केवल तृप्त करने वाली है, अपितु वैचारिक दृष्टि से उनके चिन्तन को उत्तेजित करने वाली भी है।
| ISBN-13 | 9788170565116 |
|---|---|
| Author | Dr. Kalyan Prasad Varma, Dr. Manohar Prabhakar |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Edition | First, 2010 |
| Pages | 320 |
| Year | 2010 |
| Subject | Journalism & Media |
Related books
- A Text Book Roga Nidana And Vikruthi Vijnana Part I
- A Text Book For Roga Nidana Vikruthi Vijnana Part Ii
- A Text Book Of Shalakya Tantra (Diseases Of Eye, Head & E.N.T
- A Text Of Dravyaguna Vijnana Complete Set
- Text Book Of Vikrti Vijnana & Roga Vijnana Vol. 1
- Text Book Of Vikrti Vijnana & Roga Vijnana Vol. 2
- A Textbook Of Padartha Vijnan Evem Ayurveda Itihasa
- A Guide To Ayurvedic Competitive Examinations
India's trusted online book store