Ajmer ki Anusuchit Jatiyan: Samajik-Aarthik Pariprekshya
Prof. Sunil Kumar Sharma · Panchsheel Prakashan
प्रो. सुनील कुमार शर्मा द्वारा रचित शोध-ग्रंथ ‘अजमेर जिले में अनुसूचित जाति जनसंख्या का सामाजिक-आर्थिक विकास’ राजस्थान के अजमेर जिले में अनुसूचित जातियों की वास्तविक स्थिति का प्रामाणिक व तथ्यात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। पुस्तक में विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के धरातल
अजमेर जिले में अनुसूचित जाति जनसंख्या का सामाजिक-आर्थिक विकास’ समाज के वंचित और हाशिए पर खड़े वर्गों के उत्थान व उनकी वास्तविक स्थिति पर आधारित एक अत्यंत महत्वपूर्ण समाजशास्त्रीय व भौगोलिक शोध-अध्ययन है। पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ: संवैधानिक एवं नीतिगत ढांचा: भारतीय संविधान द्वारा अनुसूचित जातियों व जनजातियों को प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों, आरक्षण, अस्पृश्यता उन्मूलन और राष्ट्रीय आयोग (NCSC/NCST) की नीतियों का विस्तृत विवरण। धरातलीय प्रभाव का मूल्यांकन: अजमेर जिले के विशेष संदर्भ में केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से आए सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलावों की निष्पक्ष पड़ताल। जमीनी चुनौतियों का विश्लेषण: योजनाओं के लाभ से वंचित तबकों, बिचौलियों की समस्या, रोज़गार का अभाव और आज भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने को विवश समुदायों के संघर्षों का यथार्थवादी चित्रण। तथ्यात्मक एवं प्रामाणिक प्रस्तुति: अध्ययन को विश्वसनीय और अकादमिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए नवीनतम सूचनाओं, विश्लेषणात्मक सारणियों, आरेखों और रेखाचित्रों का व्यापक उपयोग। यह पुस्तक समाजशास्त्र, भूगोल, लोक प्रशासन और सामाजिक कार्य (Social Work) के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए एक उपयोगी व अनिवार्य संदर्भ-ग्रंथ है।
| ISBN-13 | 9789349111844 |
|---|---|
| Author | Prof. Sunil Kumar Sharma |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Edition | First |
| Pages | 188 |
| Year | 2026 |
| Subject | Sociology |
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