Mudra Banking Evam Rajasv

Mudra Banking Evam Rajasv

Dr. Rita Mathur · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: First, 2008

₹630 ₹700 10% off

Mudra Banking Evam Rajasv मुद्रा के आविष्कार से मानव के आर्थिक व्यवहारों को एक नवीन स्वरूप प्राप्त हुआ, जिससे अर्थव्यवस्था का समुचित विकास संभव हुआ। डॉ.

मुद्रा के आविष्कार से मानव के आर्थिक व्यवहारों को एक नवीन युग के प्रारम्भ के रूप में स्वीकार किया जाता है। मुद्रा के आविष्कार के अभाव में मानव को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसी स्थिति में अर्थव्यवस्था के समुचित विकास की कल्पना भ्रम मात्र था। मुद्रा के आविष्कार ने आर्थिक व्यवहारों को एक नवीन स्वरूप प्रदान किया। मुद्रा के आविष्कार के पश्चात् मुद्रा को सुरक्षित एवं आर्थिक व्यवहारों को अधिक सुगम बनाने की दृष्टि से बैंकों का विकास हुआ। राज्य द्वारा जनकल्याण कार्यों में अधिक-से- अधिक रुचि की भावना से सार्वजनिक वित्त की विचारधारा का विकास हुआ। मुद्रा बैंकिंग एवं राजस्व विषय पर प्रस्तुत पुस्तक की विषय सामग्री में प्रमुख रूप से मुद्रा, मुद्रा के कार्य, मुद्रा का वर्गीकरण, मुद्रा का स्वभाव तथा महत्त्व, विभिन्न आर्थिक प्रणालियों में मुद्रा का महत्त्व, मुद्रा का मूल्य-निर्देशांक, मुद्रामान, स्वर्णमान, मुद्रा के मूल्य का निर्धारण, मुद्रा के मूल्य में परिवर्तन, साख सृजन, बैंक का स्थिति विवरण, भारतीय बैंकिग की आधुनिक प्रवृत्तियाँ, मुद्रा की पूर्ति, उच्च शक्ति अथवा शक्तिशाली मुद्रा, केन्द्रीय बैंकिग, भारतीय रिजर्व बैंक, मौद्रिक नीति, राजस्व की प्रकृति, क्षेत्र एवं महत्त्व, अधिकतम सामाजिक लाभ का सिद्धान्त, सार्वजनिक व्यय की प्रकृति एवं सिद्धान्त, सार्वजनिक आय के स्रोत, सार्वजनिक व्यय के प्रभाव, सार्वजनिक ऋण, बजट प्रशासन आदि को सम्मिलित किया गया है। आशा है पुस्तक का यह संस्करण प्राध्यापकों, छात्रों, शोधकर्ताओं एवं नीति निर्धारकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।

ISBN-139788170564171
AuthorDr. Rita Mathur
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionFirst, 2008
Pages416
Year2008
SubjectEconomics

Category: Business, Management & Economics

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