Samajshastra Vishvkosh

Samajshastra Vishvkosh

Virendra Prakash Sharma · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: Second, 2013

₹630 ₹700 10% off

समाजशास्त्र की मूलभूत अवधारणाओं, सिद्धांतों और पद्धतियों का सरल-सुबोध हिंदी भाषा में विश्वकोश। यह पुस्तक सामाजिक विचारकों, संस्थाओं, परिवर्तन और नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण प्रकरणों की व्याख्या करती है, जो छात्रों, शोधकर्ताओं और सामाजिक विज्ञानों में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है।

प्रस्तुत समाजशास्त्र विश्वकोश में समाजशास्त्र की मूलभूत एवं भौतिक अवधारणाओं, तथ्यों, आवश्यकताओं, सिद्धान्तों, उपागमों के परिप्रेक्ष्य में जो विश्व स्तरीय चिन्तन चल रहा है उसका सरल-सुबोध हिन्दी भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। सामाजिक विचारकों, समाजशास्त्रियों एवं विद्वानों की उपलब्ध सामग्री को उनके विचारों, परिप्रेक्ष्यों एवं उद्देश्यों की मौलिकता को बनाए रखने के उद्देश्य से बोधगम्य हिन्दी में रूपान्तरित करके प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। समस्त सामग्री का हिन्दी रूपान्तरण भारत सरकार द्वारा प्रकाशित मान्य ‘वृहद् पारिभाषित शब्द संग्रह’ के आधार पर किया गया है। इस कोश में समाजशास्त्र से सम्बन्धित सभी महत्त्वपूर्ण शाखाओं, सिद्धान्तों, जैसे-समाजशास्त्र के सिद्धान्त, सामाजिक मानवशास्त्र, अपराधशास्त्र, सामाजिक संस्थाएँ, सामाजिक विचारक, समकालीन समाजशास्त्रीय सिद्धान्त, ग्रामीण समाजशास्त्र, नगरीय समाजशास्त्र, परिप्रेक्ष्य उपागम, सांस्कृतिक, समूह स्थरीकरण, सामाजीकरण, सामाजिक संरचना, सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक नियंत्रण, विवाह, परिवार, बन्धुत्व आदि से सम्बन्धित प्रकरणों, अवधारणाओं एवं सिद्धान्तों की परिभाषाएँ एवं व्याख्याएँ दी गई हैं। ‘समाजशास्त्र विश्वकोश’ समाजशास्त्र और मानवशास्त्र के सभी स्तर के पाठकों एवं विभिन्न संकायों के शोध छात्रों के लिए उपयोगी होगा।

ISBN-139788170565369
AuthorVirendra Prakash Sharma
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionSecond, 2013
Pages344
Year2011
SubjectReference Books

Category: Education & Reference

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