Bharat Me Rajyon Ke Rajneete Bhagh-4
Prof. Dharamchand Jain · Panchsheel Prakashan
प्रस्तुत पुस्तक में जनता पार्टी के अभ्युदय, उसकी राज्यवाद स्थिति, जनता पार्टी की विजय तथा केन्द्र में सत्ता-परिवर्तन, राज्यों में मतदाताओं का मतदान- व्यवहार, जनता पार्टी सरकार द्वारा, राष्ट्रपति शासन की अधिसूचना के माध्यम से कांग्रेस शासित राज्य सरकारों की बर्खास्तगी, राज्य विधानसभाओं के चुनाव, राज्
प्रस्तुत पुस्तक में जनता पार्टी के अभ्युदय, उसकी राज्यवाद स्थिति, जनता पार्टी की विजय तथा केन्द्र में सत्ता-परिवर्तन, राज्यों में मतदाताओं का मतदान- व्यवहार, जनता पार्टी सरकार द्वारा, राष्ट्रपति शासन की अधिसूचना के माध्यम से कांग्रेस शासित राज्य सरकारों की बर्खास्तगी, राज्य विधानसभाओं के चुनाव, राज्यों में केन्द्र समर्थित राज्य सरकारों को अविर्भाव, राज्यों में जनता पार्टी में सत्ता-संघर्ष तथा मुख्यमंत्रियों को विश्वास मत प्राप्त करने का निर्देश, जनता पार्टी के मुख्यमंत्रियों की कार्य-शैली, केन्द्र में जनता पार्टी सरकार का पतन, जनता (एस) सरकार का सत्ता में आना, विश्वास मत की शर्त, चरणसिंह सरकार का पतन, राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा को भंग कर के मध्यावधि चुनाव कराने का निर्णय तथा मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस (इं) की सत्ता में वापसी इत्यादि पहलुओं का सांगोपांग विश्लेषण किया जा रहा है।
| ISBN-13 | 9788170566922 |
|---|---|
| Author | Prof. Dharamchand Jain |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Edition | First |
| Pages | 224 |
| Year | 2023 |
| Subject | Political Science |
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