Aadhunik Bharat Ka Rajneetik Aarthik Avam Samajik Itihas (Bhagh-2)

Aadhunik Bharat Ka Rajneetik Aarthik Avam Samajik Itihas (Bhagh-2)

Dr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: Second, 2011

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1885 ई. में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना से भारत में एक नये युग का सूत्रपात होता है। काँग्रेस में उदारवादियों की नीतियों की प्रतिक्रियास्वरूप उग्रवाद का उदय तथा क्रान्तिकारी आन्दोलनों ने भारतीयों के मन में एक नवीन चेतना का संचार किया। गाँधीजी के नेतृत्व में काँग्रेस का राष्ट्रीय आन्दोलन, एक

1885 ई. में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना से भारत में एक नये युग का सूत्रपात होता है। काँग्रेस में उदारवादियों की नीतियों की प्रतिक्रियास्वरूप उग्रवाद का उदय तथा क्रान्तिकारी आन्दोलनों ने भारतीयों के मन में एक नवीन चेतना का संचार किया। गाँधीजी के नेतृत्व में काँग्रेस का राष्ट्रीय आन्दोलन, एक जन- आन्दोलन के रूप में परिवर्तित हो गया। लेकिन साम्प्रदायिकता के उद्भव ने हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन की गति को अवरुद्ध करने का प्रयास किया, जिसे ब्रिटिश प्रशासकों का भी सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ। लेकिन गाँधीजी के सबल अहिंसात्मक आन्दोलनों ने भारत को अँग्रेजों की पराधीनता से मुक्त करा दिया। अँग्रेजों ने साम्प्रदायिक शक्तियों का समर्थन करते हुए भारत का विभाजन कर दिया। स्वतन्त्र भारत के राष्ट्रवादियों ने भारत का नव-निर्माण करने हेतु नवीन संविधान का निर्माण किया तथा भारतीय रियासतों का भारतीय संघ में विलय करके एक अखण्ड भारत का निर्माण किया। प्रस्तुत ग्रन्थ में विद्वान लेखकद्वय ने इन्हीं घटनाओं को क्रमबद्ध रूप से विवेचित किया है। प्रस्तुत ग्रन्थ में पूर्ववर्ती विद्वानों एवं पाश्चात्य लेखकों की मान्यताओं का विश्लेषण कर उनकी भ्रान्त धारणाओं का पुष्ट प्रमाणों एवं प्रतियुक्तियों से खण्डन किया गया है तथा इस युग की सामाजिक, आर्थिक एवं साहित्यिक प्रवृत्तियों का भी विवेचन किया गया है। विद्वान लेखकद्वय ने उपलब्ध मूल सामग्री का पूर्णरूपेण उपयोग कर इस काल खण्ड (1885- 1950 ई.) का अत्यन्त प्रामाणिक इतिवृत प्रस्तुत किया है। प्रस्तुत ग्रन्थ भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन के अध्ययन में एक नया आयाम विकसित करेगा तथा भावी शोध का मार्ग प्रशस्त करेगा।

ISBN-139788170562627
AuthorDr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionSecond, 2011
Pages472
Year2004
SubjectIndian Culture & History

Category: Textbooks & Study Guides

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