Bharat Me Samajik Parivartan
Virendra Prakash Sharma · Panchsheel Prakashan
भारत में सामाजिक परिवर्तन’ शीर्षक कृति सामाजिक विज्ञानों के उन शोधकर्ताओं एवं रुचिशील पाठकों के लिए लिखी गई है जो सामाजिक परिवर्तन से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं से अवगत होना चाहते हैं। विभिन्न सामाजिक विज्ञानों के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए इस कृति में तीन खण्ड हैं। प्रथम खण्ड में सामाजिक
भारत में सामाजिक परिवर्तन’ शीर्षक कृति सामाजिक विज्ञानों के उन शोधकर्ताओं एवं रुचिशील पाठकों के लिए लिखी गई है जो सामाजिक परिवर्तन से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं से अवगत होना चाहते हैं। विभिन्न सामाजिक विज्ञानों के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए इस कृति में तीन खण्ड हैं। प्रथम खण्ड में सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा, प्रकृति, कारक और सिद्धान्तों का विवेचन किया गया है। पुस्तक के द्वितीय खण्ड भारत में सामाजिक परिवर्तन के उपागम एवं प्रक्रियाओं में भारतीय एवं पाश्चात्य समाजशास्त्रियों द्वारा भारत में सामाजिक परिवर्तन के सैद्धान्तिक एवं क्षेत्रीय अध्ययनों के लिए वर्णित परिवर्तनों, उपागमों एवं प्रक्रियाओं की समालोचनात्मक विवेचना प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुत कृति के तृतीय खण्ड स्वातंत्र्योत्तर भारत में भारतीय समाज से सम्बन्धित महत्त्वपूर्ण आयामों एवं मुद्दों, जैसे-जनसंख्या, औद्योगीकरण, नगरीकरण, आर्थिक विकास आदि की व्याख्या प्रस्तुत की गई है। आशा है यह कृति सामाजिक विज्ञानों के शोधकर्ताओं एवं रुचिशील पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
| ISBN-13 | 9788170566083 |
|---|---|
| Author | Virendra Prakash Sharma |
| Publisher | Panchsheel Prakashan |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Pages | 544 |
| Year | 2015 |
| Subject | Sociology & Social Issues |
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