Bhartiya Sabyata avam Sanskriti ka Itihas

Bhartiya Sabyata avam Sanskriti ka Itihas

Dr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas · Panchsheel Prakashan

Hindi · Paperback · Edition: Second, 2007

₹896.495 ₹995 10% off

पृथ्वी पर मानव जीवन के अवतरण से शुरू होकर, भारतीय सभ्यता और संस्कृति के अमरत्व, निरंतरता और अनन्तता को उजागर करती यह पुस्तक, भारतीय आध्यात्मिकता और दर्शन का मूल विषय है। स्नातक स्तरीय एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी विषय-वस्तु से समन्वित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ।

पृथ्वी पर मानव जीवन के अवतीर्ण होने के साथ ही भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का इतिहास आरम्भ हो जाता है। भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास की निरन्तरता, अमरत्व और अनन्तता के कारण ही विश्व के अनेक देश भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के इतिहास के प्रति आकर्षित होकर इसके अध्ययन के प्रति रुचि ले रहे हैं तथा इस इतिहास के मूल सिद्धान्तों और तत्त्वों को समझने की चेष्टा कर रहे हैं। भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में भारतीय आध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन उनके अध्ययन का मूल विषय बन गया है। अतः भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास का असाधारण महत्त्व होने के कारण ही, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी इसके अध्ययन की अनुशंसा की है। भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास से अनभिज्ञ भारतीयों को इससे परिचित करवाने के उद्देश्य से ही इस ग्रन्थ का प्रणयन किया गया है। प्रस्तुत ग्रंथ में विद्वान लेखकद्वय ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास के आधारभूत सिद्धान्तों और मूल तत्त्वों की विवेचना की है। इसके साथ ही भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में निर्दिष्ट आध्यात्मन्नाद और भारतीय दर्शन की विवेचना करते हुए विद्वान लेखकद्वय ने इसकी मूलभूत विशेषताओं का भी उल्लेख किया है। इस ग्रंथ में नई उपलब्ध सामग्री, पुरानी सामग्री का पुनरीक्षण एवं पुनर्मूल्यांकन तथा नई मान्यताओं का भी समावेश किया है। पाश्चात्य विद्वानों ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास से सम्बन्धित जो भ्रान्त धारणाएँ व्यक्त की हैं, विद्वान लेखकद्वय ने प्रतियुक्तियों से खण्डन कर भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास के गौरव को स्थापित करने का प्रयास किया है। इस दृष्टि से प्रस्तुत ग्रंथ भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास के अध्ययन और नवीन शोध हेतु एक नया आयाम विकमित्त करेगा।

ISBN-139788170562634
AuthorDr. Kaluram Sharma, Dr. Prakash Vyas
PublisherPanchsheel Prakashan
LanguageHindi
BindingPaperback
EditionSecond, 2007
Pages464
Year2004
SubjectHistory

Category: Textbooks & Study Guides

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