Vishvaidya Jyotisnika (Keralia Vishgranth Ka Hindi Rupantran)
Dr. Shanti Manyala, Dr. Francis Wilson, Dr. Nitin Urmaliya · Chaukhambha Orientalia Delhi
जैसा कि विदित है कि विषवैद्य ज्योत्स्निका एक केरलीय विषग्रंथ है। इस ग्रंथ में अगदतंत्रसंबंधी नवीन तथ्य व समस्त विषजन्य विकारों का उचित प्रबंधन भी वर्णित है। चूँकि वर्तमान में एन. सी.आई.एस.एम. के अनुसार अगदतंत्र एक क्लिनीकल विषय या विभाग बन चुका है। अतः विषवैद्य ज्योत्स्निका जैसे ग्रंथ का भी ज्ञान होना आवश्यक है। इस प्रकार उपरोक्त उद्येश्य की पूर्ति के लिए यह पुस्तक आपके समक्ष प्रस्तुत करना ही हमारा प्रयास है। चूँकि विषवैद्य ज्योत्स्निका मूलतः मलयालम भाषा में वर्णित है लेकिन इसका अंग्रेजी रूपांतरण, अगदतंत्र विभाग, वी.पी.एस. वी. आयुर्वेद महाविद्यालय, कोट्टकल, केरल द्वारा किया गया है, जो कि पुस्तक के रूप में उपलब्ध है। अतः उसी के आधार पर हमने इस ग्रंथ को हिंदी में रूपांतरित/अनुवाद करने का प्रयास किया ताकि सम्पूर्ण भारत में इस विशिष्ट ज्ञान का लाभ लिया जा सके। अंततः विष के सटीक निदान व चिकित्सा के लिए, यह पुस्तक आयुर्वेद विद्ववानों व छात्रों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए हमें परम संतोष होता है।
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